मनरेगा में अब पचास प्रतिशत कार्य निजी लाभ के होंगे स्वीकृत
मनरेगा में अब पचास प्रतिशत कार्य निजी लाभ के होंगे स्वीकृत -जिले में मनरेगा कार्यों में रोटेशन के हिसाब से लगाए जाएंगे मेट व श्रमिक हनुमानगढ़. जिले में मनरेगा कार्यों में हो रही गड़बड़ी को रोकने के लिए हर स्तर पर जतन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब मनरेगा योजना में पचास प्रतिशत कार्य निजी लाभ के स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है। जिला परिषद अधिकारियों का कहना है कि जिले में पूर्व में मेटों व कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ सांठगांठ कर एक कार्य पर ९० से १०० श्रमिक तक लगाए जा रहे थे। जबकि तय मापदंडों के हिसाब से एक काम पर इतने श्रमिकों को नहीं लगाया जा सकता। अब नए सिरे से मेटों का रोटेशन निर्धारित कर मनरेगा कार्य स्थलों पर कार्य के हिसाब से मजदूरों को लगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मनरेगा कार्यों पर मेट के रूप में लगातार कुछ लोगों का कब्जा होने तथा उनके द्वारा की जा रही गड़बड़ी की शिकायतों के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने मेटों के चयन प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। इसमें अब प्रत्येक ग्राम पंचायत में कार्यों के अनुपात में पर्याप्त संख्या में मेटों को प्रशिक्षित करने, कम से कम पचास प्रतिशत...