मंडी शुल्क का मोह, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
मंडी शुल्क का मोह, किसानों की बढ़ी मुश्किलें -गत सीजन में नरमा खरीद से राज्य सरकार को 2860.31 लाख रुपए का मिला था मंडी शुल्क -नया कृषि बिल लागू होने से कपास खरीद में फंसा पेच हनुमानगढ़. केंद्र सरकार स्तर पर नया कृषि बिल लागू होने के बाद टाउन व जंक्शन मंडी में नरमा-कपास खरीद को लेकर अजीब स्थिति बन गई है। मंडी समिति को जहां मंडी शुल्क का मोह लुभा रहा है तो जिनिंग व्यापारी मंडी शुल्क से बचने का रास्ता निकाल रहे हैं। इन सबके बीच कच्चे आढ़तियों ने अब किसानों को मंडी में कपास लाने से मना कर दिया है। खराब मौसम के बीच जिन किसानों ने चुगाई का काम शुरू कर दिया है, उनके लिए अब मुश्किलें बढ़ गई है। वर्तमान में मंडी में कपास खरीदने पर क्रेता से मंडी शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि नए कृषि बिल में मंडी से बाहर खरीद करने पर के्रता को मंडी शुल्क में छूट दी गई है। वहीं मंडी में खरीदने पर मंडी शुल्क में छूट नहीं दी गई है। इसलिए जिनिंग व्यापारी अब नया रास्ता तैयार करने में जुटे हैं। इसलिए आगे दो-तीन दिन किसानों को मंडी में कपास लेकर नहीं आने को लेकर सूचित किया है। हनुमानगढ़ जिले की मंडियों की बात करें ...