सेवानिवृत होने के बाद एमएसपी के लिए करुंगा पूरे देश का दौरा: सत्यपाल सिंह
हनुमानगढ़- संगरिया. सेवानिवृत होने के बाद पूरे देश का दौरा कर न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी के लिए किसानों को जागृत करने का कार्य करुंगा, यह किसानों का हक व प्राथमिक जरुरत है, यह विचार मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को स्थानीय अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा बैसाखी के अवसर पर आयोजित युवा व किसान जागृति सम्मेलन में सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होने कहा कि कृषि बिल वापिस लिए जाने के बाद दिल्ली में किसानों का धरना हटाया गया है परंतु आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होने किसानों को संघर्ष के लिए तैयार रहने की बात कही। उन्होने कश्मीर में धारा 370 हटने के लिए स्वयं के कार्यकाल में किए गए कार्यो का के्रडिट लेते हुए इसे बिना गोली चलाए मुमकिन किया गया।
उन्होने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदीजी घोषणा कर रहे है कि भारत पूरी दुनियां को अन्न उपलब्ध करवाने के लिए तैयार है परंतु वो लाएंगे कहां से, क्योंकि अन्न के लिए एमएसपी देने की योजना बनाने को सरकार तैयार नहीं है। उन्होने कहा कि उत्तरप्रदेश चुनाव परिणाम से हताश होने की आवश्यकता नहीं है यह सब मायावती के कारण हुआ जिसने अपना वोट भाजपा को दे दिया उसके बिना ये जीत नहीं पाते। उन्होने कहा कि अक्ल ठिकाने पर लाने के लिए एक झटका जरुरी है।
उन्होने समाज को संगठित होने व महिलाओं को शिक्षा से आगे बढाने की अपील की। इस अवसर पर अनेक संगठनों द्वारा उनका अभिनंदन किया गया। उन्होने दौरे की शुरुआत स्वामी केशवानंद स्मृति मंदिर में शिक्षासंत को पुष्पांजलि अर्पित करके की। मुख्य कार्यक्रम के पश्चात उन्होने कृषि विज्ञान केंद्र में विश्राम कर नागरिकों से मुलाकात की। इस अवसर पर ग्रामोत्थान विद्यापीठ को विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर युवाओं की टीम ने राज्यपाल के समक्ष तख्तियां लहराई। इस अवसर पर आयोजन स्थल पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। राज्यपाल की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।(नसं.)
विभिन्न संगठनों ने किया राज्यपाल का स्वागत
—युवा व किसान जागृति सम्मेलन में लिया भाग
—शिक्षासंत के स्मृति मंदिर पहुंचेे
—प्लस फोटो::
संगरिया ञ्च राजस्थान पत्रिका. स्थानीय अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा बुधवार को बैसाखी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक संगरिया पहुंचे। उन्होने अपने कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामोत्थान विद्यापीठ में स्थित स्मृति मंदिर में शिक्षा संत स्वामी केशवांनद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके की। उन्होने कहा कि शिक्षासंत का शिक्षा के लिए पूरे इलाकों को योगदान अतुलनीय है। उन्होने बताया कि वे इससे पूर्व वसुंधरा राजे की यात्रा के साथ संगरिया का दौरा कर चुके है। संस्था की तरफ से सचिव सुखराज सिंह सलवारा, प्राचार्य डॉ.सुरेंद्र सहारण व आदित्य सिंह तूर, प्रधानाचार्य एसके मुरारी ने स्वागत करते हुए ग्रामोत्थान के इतिहास के बारे में बताया। स्काउट की टीम ने उनकी अगवानी की व नन्हे मुन्ने बच्चों ने तिलक लगाकर स्वागत किया। नई धान मंडी में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यपाल ने समाज की एकता की बात कहते हुए किसानों को अपने हितों के लिए एकजुट होने व संघर्ष करने की बात कही। उन्होने छोटे विषयों पर बंटने के स्थान पर कृषि हित के लिए एक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन उदयसिंह बेनीवाल व रेणू झींझा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में एनएसयूआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यू पूनियां, उद्योगपति हर्षवद्र्धन झींझा, डॉ.केआर मोटसरा, अनिमेष जाखड़, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह बराड़, सरपंच प्रतिनिधि रमनदीप सिद्धू, प्रो.डीसी सहारण, डॉ.धू्रवराज गोदारा, पूर्व अध्यक्ष राजीव सिहाग आदि उपस्थित रहे। भजन गायक अमित गोस्वामी ने राष्ट्रगान के साथ वीर तेजाजी के भजनों की प्रस्तुति दी। एसकेएम स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल का जाट महासभा, अपेक्स महिला क्लब, बार संघ, व्यापार मंडल सहित अनेक संगठनों द्वारा साफा पहनाकर, चांदी का मुकुट, शिक्षासंत स्वामी केशवानंद की काष्ठ प्रतिमा सहित स्मृति चिन्ह आदि से सम्मानित किया। इस अवसर पर संगरिया के इतिहास पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। युवाओं के एक दल द्वारा तख्तियां लेकर राज्यपाल से ग्रामोत्थान विद्यापीठ के सुधार व विश्वविद्यालय बनाने की मांग की। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया व कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रशासन की ओर से उपखण्ड अधिकारी रमेशदेव, एएसपी जस्साराम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रशासन व पुलिस जाब्ता मौजूद रहा। आयोजन में कम संख्या व राज्यपाल के बोल को लेकर पूरे शहर में चर्चा रही।(नसं.)
पिता पुत्री ने किया सम्बोधित: युवा नेता सुरेंद्र खद्दा ने अपने सम्बोधन में गांव व क्षेत्र में भाईचारे बनाए रखते हुए राजनीति के लिए आपसी विरोध नहीं होना चाहिए। विरोध सही गलत का ही होना चाहिए। उन्होने युवाओं को नशे से दूर रहने व राजनीति में भागीदारी करने की बात कही। उनकी बेटी अनिशा चौधरी ने मंच से सम्बोधन करते हुए सूरत बदलनी चाहिए को आधार बनाकर संस्कारों के अभाव में पथभ्रष्ट होते युवाओं के लिए समाज को जागृत होने की बात कही। राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना टिब्बी इकाई की ओर से तहसील अध्यक्ष सुरेंद्र खद्दा, राजू सहारण, शीशपाल, प्रमोद बाना, रवि भादू, महावीर छींपा, मुकेश मुंड ने वीर तेजाजी का स्वरुप राज्यपाल को भेंट किया।(नसं.)
पुस्तकों से दोस्ती का आह्वान: बाड़मेर में मेडीकल शिक्षा की अलख जगाने वाले डॉ.भारत सहारण ने अपने सम्बोधन में युवाओं से मोबाईल से दूरी बनाने और पुस्तकों से दोस्ती करने की बात कही। उन्होने कहा कि शिक्षा के लिए हर घर में एक पुस्तकालय का होना अनिवार्य है। जीवन में शिक्षा को पहला लक्ष्य बनाते हुए कार्य करे। उन्होने नई शिक्षा नीति के अनुरुप अभी से तैयारी में जुटने की बात कही।(नसं.)
source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/governor-1-7464292/
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