किसान अपने नजदीक स्थित गोशाला में सूखे चारे की कुछ ना कुछ मात्रा उपलब्ध कराकर करें मदद

किसान अपने नजदीक स्थित गोशाला में सूखे चारे की कुछ ना कुछ मात्रा उपलब्ध कराकर करें मदद
-खरीफ 2022 में जिले के बड़े कृषक कम से कम 1 बीघा व छोटे कृषक एक कैनाल में गोशालाओं के लिए करें हरे चारे की बिजाई
-कलक्टर ने जिले के कृषकों को इसके लिए प्रेरित करने के लिए सीईओ जिला परिषद समेत अन्य अधिकारियों को लिखा पत्र

हनुमानगढ़. जिले के कृषक अपने नजदीक स्थित गोशाला में सूखा चारा की कुछ ना कुछ मात्रा उपलब्ध कराकर उनकी मदद करें। साथ ही खरीफ 2022 में जिले के बड़े कृषक अपने बुवाई किए जाने वाले क्षेत्र में से कम से कम 1 बीघा व छोटे कृषक एक कैनाल में गोशालाओं के लिए हराचारा की बुवाई करें। जिससे गोशालाओं के पशुधन को समय पर सूखा व हराचारा उपलब्ध करवाकर बचाया जा सके। जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने यह अपील जिले के किसानों से की है। साथ ही जिला कलक्टर ने सीईओ जिला परिषद, सभी एसडीएम,सभी बीडीओ, पशुपालन विभाग के संयुक्त सचिव व कृषि विभाग के उपनिदेशक को पत्र लिखकर इस बाबत अपने अधीनस्थ स्टॉफ, सरपंच, पंचायत समिति सदस्यों इत्यादि के माध्यम से जिले के किसानों को इस हेतु प्रेरित करने हेतु लिखा है। इसमें बताया है कि वे अपनी नजदीक स्थित गोशाला में सूखा चारा की कुछ ना कुछ मात्रा उपलब्ध करवाकर उसकी मदद करें। पत्र में जिला कलक्टर ने लिखा है कि उनके संज्ञान में आया है कि जिले के कृषकों ने सूखा चारा विशेषकर तूड़ी का बाजार भाव अच्छा प्राप्त होने पर कृषकों ने स्वयं की आवश्यक मात्रा संगृहित कर शेष बचे चारे का विक्रय किया जा रहा है, जो बड़ी मात्रा में जिले से बाहर अन्य जिलों में स्थानांतरित हो रहा है। जिले में 8.49 लाख गाय व भैंस तथा 0.16 लाख ऊंट पशुधन हैं। इनको अनुमानित 13.13 लाख मैट्रिक टन सूखा चारा की आवश्यकता रहेगी। सूखा चारा विशेषकर तूड़ी विक्रय होकर दूसरे जिलों में स्थानांतरित होने के कारण जिले में संचालित 277 गोशालाओं में अनुमानित 1 लाख 9 हजार 921 पशुओं के लिए चारा भंडारण पर्याप्त मात्रा में नहीं होने की जानकारी प्राप्त हुई है। जबकि गोशाला पशुधन के लिए चारे की व्यवस्था समय पर करना अतिआवश्यक है। लिहाजा जिले के कृषक अपनी नजदीक स्थित गोशाला में सूखा चारा की कुछ ना कुछ मात्रा उपलब्ध करवाकर उसकी मदद करें। डिडेल ने पत्र में लिखा है कि जिला हनुमानगढ़ में वर्ष 2021-22 खरीफ व रबी फसल मौसम में नहरी पानी की कम उपलब्धता व अनियमित कम वर्षा होने से पशुचारा उत्पादित फसलों का बुवाई क्षेत्रफल कम हुआ है व रबी 2021-22 में सरसों फसल का बाजार भाव ऊंचा रहने के कारण जिले के कृषकों ने अनुमानित 1.00 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में गेंहू के स्थान पर सरसों फसल की बुवाई की गई है। इससे जिले में सूखाचारा का उत्पादन कम रहा है। वर्ष 2021-22 फसल मौसम में सूखा पशु चारा का अनुमानित उत्पादन 13.21 लाख मैट्रिक टन उत्पादन होने के आसार हैं।



source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/help-the-farmers-by-providing-some-quantity-of-dry-fodder-in-the-cowsh-7493030/

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