सर्दी में कहीं खराब न हो जाए नाजुक फसल, इसलिए बीमा जरूरी
सर्दी में कहीं खराब न हो जाए नाजुक फसल, इसलिए बीमा जरूरी
-कृषि विभाग के अधिकारी संभावित नुकसान से बचने के लिए फसल बीमा को बता रहे जरूरी, किसानों को कर रहे जागरूक
-जिले में नहरी पानी की कमी के चलते इस बार गेहंू की बजाय सरसों की बिजाई दोगुने क्षेत्र में हुई
हनुमानगढ़. नहरी पानी की कमी के चलते इस बार किसानों का जोर गेहंू की बजाय सरसों बिजाई की तरफ अधिक है। यही वजह है कि तीस नवम्बर २०२१ तक जिले में गेहूं की बिजाई १३५४०० हेक्टैयर में हो पाई है। जबकि सरसों की बिजाई २०६१०० हेक्टैयर में हो चुकी है। जो बिजाई लक्ष्य से काफी अधिक है। कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो सरसों की फसल काफी नाजुक मानी जाती है। दिसम्बर व जनवरी में अधिक सर्दी पडऩे पर कहीं सरसों की फसल खराब नहीं हो जाए, इसे देखते हुए किसानों को अधिक से अधिक संख्या में फसल बीमा करवाना चाहिए। ताकि विपरीत मौसम रहने पर संभावित नुकसान से बचा जा सके। सरसों की फसल का बीमा करवाने के लिए पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 269.86 रुपए प्रति बीघा के हिसाब से कृषक हिस्सा राशि प्रीमियम के तौर पर जमा करवानी होगी। जिले में रबी सीजन 2021-22 के तहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पांच फसलें सरसों, गेहूं, चना, तारामीरा व जौ अधिसूचित की गई है। इसमें तारामीरा के लिए 69.16, गेहूं के लिए 304.56, चना के लिए 138.36 तथा जौ की फसल के लिए 205.95 रुपए प्रति बीघा के हिसाब से कृषक प्रीमियम हिस्सा राशि निर्धारित की गई है। जिले में सरसों की बीमित राशि 17993, तारामीरा की 4611, गेहूं की 20304.25, चना की 9224.25 व जौ की बीमित राशि 13730 रुपए प्रति बीघा तय की गई है।
यह दस्तावेज जरूरी
जिले के गैर ऋणी कृषकों को राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार आधार कार्ड, नवीनतम जमाबंदी की नकल व बैंक खाते की पासबुक की प्रति जिसमें आईएफसी कोड एवं खाता संख्या अंकित हो या खाते की कैंसिल चैक की प्रति देनी होगी। बटाइदार कृषक होने पर उक्त दस्तावेज के अतिरिक्त शपथ पत्र बीमा कराने वाले कृषक के स्वयं का घोषणा पत्र बटाइदार एवं भू-स्वामी के आधार कार्ड की स्वंय प्रमाणित प्रति अनिवार्य है। इसके साथ किसानों को सलाह दी जाती है कि वह अपना आधार कार्ड बैंक खाते में अपटेड करवा लें।
फसल परिवर्तन की सूचना 29 तक दे सकेंगे
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रचार करने के लिए किसानों को खेती व बीमा से संबंधित साहित्य भी वितरित किए जा रहे हैं। यह कार्य 25 दिसम्बर 2021 तक किया जाएगा। ताकि अधिक से अधिक कृषकों को योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। फसल बीमा योजना के तहत ऋणी कृषकों को फसल बीमा से बाहर होने की अंतिम तिथि 24 दिसम्बर 2021 व ऋणी कृषकों द्वारा बीमित फसल में परिवर्तन की सूचना के लिए 29 दिसम्बर तक अपने संबंधित बैंक शाखा में देने की निर्धारित की हुई है। जिले के ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों के लिए अपनी फसल का फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2021 निर्धारित की गई है।
प्रचार रथ को किया रवाना
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देने को लेकर बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर से छह प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिला कलक्टर नथमल डिडेल, कृषि उपनिदेशक दानाराम गोदारा व अग्रणी बैंक प्रबंधक राजकुमार ने प्रचार रथों को रवाना किया। कलक्टर ने कहा कि इन प्रचार रथों के माध्यम से किसानों को और आमजन को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के फायदों के बारे में अवगत करवाया जाएगा। साथ ही उन्होनेे किसानों से अनुरोध किया कि किसान जो भी फसल बोए, अपने बैंक को इसके बारे में जानकारी दे। इस मौके पर सहायक निदेशक कृषि (सांख्यिकी) सुभाष डूडी, सहायक निदेशक कृषि स्वर्ण सिंह, सहायक निदेशक सांख्यिकी विनोद कुमार गोदारा, जनसंपर्क अधिकारी सुरेश बिश्नोई, कृषि अधिकारी बीआर बाकोलिया, सूचना सहायक रामदेव, कृषि पर्यवेक्षक व बीमा कम्पनी के जिला प्रबंधक राजेश सिहाग, जिला समन्वयक विनोद जांदू उपस्थित थे।
source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/delicate-crop-should-not-get-spoiled-in-winter-so-insurance-is-necess-7201781/
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