सरकारी खरीद शुरू करने में और देरी करने पर किसान व्यापारियों के हाथों धान बेचने को होंगे मजबूर

सरकारी खरीद शुरू करने में और देरी करने पर किसान व्यापारियों के हाथों धान बेचने को होंगे मजबूर
-किसानों की मांग, केंद्र स्वीकृत तो एफसीआई जल्द शुरू करे सरकारी खरीद

हनुमानगढ़. जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद शुरू करने को लेकर प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में अधिकारी जुटे हैं। खरीद के दृष्टिगत करीब ढाई लाख बारदाने की आपूर्ति करवा दी गई है। शेष बारदाना २७ के बाद पहुंच सकता है। कृषि विपणन विभाग के उप निदेशक सुभाष सहारण ने बताया कि जिले में धान की सरकारी खरीद को लेकर कुल छह केंद्र बनाए गए हैं।
इसी तरह श्रीगंगानगर में पांच केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। हनुमानगढ़ जिले में जंक्शन, टाउन, डबलीराठान, टिब्बी, तलवाड़ा झील, पीलीबंगा मंडी तथा श्रीगंगानगर में अनूपगढ़, जैतसर, विजयनगर, सूरतगढ़, गंगानगर मंडी में इस बार धान की सरकारी खरीद हो सकेगी। भारतीय खाद्य निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है। खरीफ विपणन वर्ष २०२१-२२ में धान की सरकारी खरीद को लेकर दोनों जिलों में कुल ग्यारह केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। दोनों जिलों में गुणवत्ता के लिहाज से सामान्य धान मानकर इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य १९४० रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने भी खरीद को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें किसानों को गिरदावरी, जमाबंदी सहित अन्य प्रमाण पत्र की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। धान खरीद की व्यवस्था का जिला कलक्टर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करेंगे। वर्तमान में मंडी समिति व कृषि विपणन विभाग के अधिकारी सोमवार से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की बात कह रहे हैं।

क्यों कर रहे देरी
किसान नेता भगवान सिंह खुड़ी ने शनिवार को मंडी समिति के सचिव से मिलकर उन्हें वादे के अनुसार जल्द मंडियों में धान की सरकारी खरीद शुरू करवाने की बात कही। वर्तमान में टाउन व जंक्शन में करीब दस हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। इनमें आधे धान में नियमानुसार १७ प्रतिशत के करीब नमी है। इतने प्रतिशत तक नमी वाले धान की सरकारी खरीद आसानी से हो सकती है।

मुहिम का असर
करीब डेढ़ दशक बाद जिले में फिर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें इस बार क्षेत्र में ०.५० लाख एमटी धान की सरकारी खरीद की जाएगी। राजस्थान पत्रिका ने 'धान का मिले उचित मोलÓ शीर्षक से अभियान चलाकर किसानों की पीड़ा को निरंतर समाचारों के माध्यम से उजागर किया। इसके बाद सरकार ने धान की सरकारी खरीद शुरू करने को लेकर खरीद केंद्र स्वीकृत किए हैं। अब किसानों को जल्द खरीद शुरू होने का इंतजार है।

इतने उत्पादन का अनुमान
हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर जिले में वर्ष 2021-22 के दौरान 2.62 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने का अनुमान है। इसमें पहले बरस सरकार स्तर पर ०.५० लाख एमटी धान की सरकारी खरीद करने की तैयारी है। किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन को चाहिए कि वह जल्द धान की सरकारी खरीद शुरू करवाए। ज्यादा देरी करने पर व्यापारियों के हाथों फसल बेचने को मजबूर हो जाएंगे। वर्तमान में किसान पीआर धान व्यापारियों को १५०० से १६०० रुपए प्रति क्विंटल बेच रहे हैं।

.....फैक्ट फाइल....
-इस समय टाउन व जंक्शन मंडी में करीब १०००० क्विंटल पीआर धान की हो रही आवक।
-जिले में ३४००० हेक्टैयर में धान की हुई है पैदावार।
-जिले में गुणवत्ता के लिहाज से पीआर धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य १९४० रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित।
-समर्थन मूल्य पर धान खरीद होने पर किसानों को वर्तमान की तुलना में करीब तीन सौ रुपए प्रति क्विंटल होगा फायदा।



source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/farmers-will-be-forced-to-sell-paddy-in-the-hands-of-traders-due-to-fu-7138230/

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