क्रमोन्नति में फिर पीछे रह गया हनुमानगढ़

क्रमोन्नति में फिर पीछे रह गया हनुमानगढ़
- गत वर्ष की तरह इस साल भी राउप्रावि में क्रमोन्नति में पिछड़े
- क्रमोन्नत विद्यालयों में जिले के एक प्रतिशत भी नहीं
- जिम्मेदारों की सुस्ती पड़ रही भारी
हनुमानगढ़. सरकारी विद्यालयों में कृषि संकाय स्वीकृति से जो खुशी का माहौल बना, वह जिले के क्रमोन्नति सूची में पिछडऩे से काफूर हो गया। लगातार दूसरे बरस राप्रावि से राउप्रावि में क्रमोन्नति के मामले में जिला अन्य की तुलना में पीछे रह गया है। हालांकि इस साल खाता तो जरूर खुला है। जबकि बीते बरस तो जिले की स्थिति शून्य रही थी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने हाल ही मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत प्रदेश के 561 राप्रावि को राउप्रावि में क्रमोन्नत करने के आदेश जारी किए। यद्यपि कुल 703 विद्यालयों को क्रमोन्नत किया जाना था।
कुछ जिलों में चुनाव आचार संहिता के चलते आदेश जारी नहीं किए गए। शेष 142 विद्यालयों के क्रमोन्नति आदेश बाद में जारी किए जाएंगे। इन 703 में हनुमानगढ़ जिले के महज चार राप्रावि हैं जो राउप्रावि में क्रमोन्नत हुए हैं। मतलब सूची के हिसाब से एक प्रतिशत से भी कम विद्यालय जिले में क्रमोन्नत किए गए हैं। क्रमोन्नत विद्यालय चालू शिक्षा सत्र से ही प्रारंभ होंगे। क्रमोन्नत स्कूलों में पहले कक्षा छह संचालित की जाएगी। यदि पर्याप्त नामांकन हुआ तो कक्षा सात व आठ भी संचालित की जा सकेगी।
एक फीसदी से कम
कुल 703 में जिले के केवल चार विद्यालय ही हैं। आदेश के अनुसार डिंगवाला पंचायत स्थित राप्रावि अमरपुरा ढाणी, खोथावाली पंचायत के राप्रावि 36 एमओडी, खुईंया पंचायत के राप्रावि कोलासर तथा डबलीकलां ग्राम पंचायत के राप्रावि छह आरपी को राउप्रावि में क्रमोन्नत किया गया है।
खल रही अनदेखी
क्रमोन्नति के मामले में जिले की अनदेखी काफी खलती है। परीक्षा परिणाम, नामांकन तथा विभागीय रैंकिंग में हनुमानगढ़ अधिकांशत: प्रदेश के टॉप जिलों में शुमार रहता है। मगर क्रमोन्नति आदेश की सूची से जागरूक लोगों को निराशा हुई। लगभग यही स्थिति बीते बरस रही थी। पिछले साल राज्य सरकार के आदेश पर प्रदेश में 30 नए राप्रावि मंजूर किए गए। जबकि 56 राप्रावि को राउप्रावि में क्रमोन्नत किया गया। मगर जिले में एक भी नया स्कूल नहीं खोला गया। एक भी राप्रावि को राउप्रावि में क्रमोन्नत नहीं किया गया। मतलब स्थिति शून्य रही।
किसकी जिम्मेदारी
जानकारों की माने तो क्रमोन्नति वगैरह में जिले के पिछडऩे की वजह सुस्ती है। जनप्रतिनिधि पर्याप्त जागरुकता नहीं दिखाते। कई शिक्षा अधिकारी भी उदासीन रहते हैं। यद्यपि राज्य स्तर पर समय-समय पर नए स्कूल खोलने, क्रमोन्नति आदि के प्रस्ताव मांगे जाते हैं। लेकिन ब्लॉक स्तर से इस संबंध में त्वरित व उचित कार्यवाही नहीं होने के कारण बात जिला स्तर से आगे नहीं बढ़ पाती। ऐसे में जिला पिछड़ जाता है।
यहां फिर भी ठीक
राज्य सरकार ने बजट घोषणा के तहत इस साल रामावि व राउमावि में क्रमोन्नति के आदेश जारी किए थे। राज्य में कुल 133 विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया। इनमें राउप्रावि से माध्यमिक विद्यालय में 69 तथा माध्यमिक विद्यालय से राउमावि में 64 को क्रमोन्नति दी गई। हनुमानगढ़ जिले के कुल छह विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया। तीन को राउप्रावि से रामावि में तथा तीन को ही रामावि से राउमावि में क्रमोन्नत किया गया।



source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/hanumangarh-again-lags-behind-in-promotion-7029381/

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