बीबीएमबी की बैठक में राजस्थान का हिस्सा निर्धारित, बढ़ाने की बजाय हमारे शेयर में कटौती करने पर अड़े चैयरमेन
बीबीएमबी की बैठक में राजस्थान का हिस्सा निर्धारित, बढ़ाने की बजाय हमारे शेयर में कटौती करने पर अड़े चैयरमेन
-काफी विरोध झेलने के बाद एक से दस जुलाई तक शेयर को यथावत रखने के प्रस्ताव पर दी सहमति
-बीबीएमबी की बैठक में राजस्थान का हिस्सा निर्धारित, इंदिरागांधी नहर क्षेत्र के किसानों को नहीं मिली राहत
हनुमानगढ़. भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक मंगलवार को वीसी के माध्यम से संपन्न हुई। इसमें पंजाब, राजस्थान व हरियाणा राज्य को जुलाई में मिलने वाले शेयर का निर्धारण किया गया। बांधों के लगातार घट रहे लेवल को देखते हुए बीबीएमबी चैयरमेन संजय श्रीवास्तव ने सभी राज्यों के हिस्से में कटौती करने की बात कही। इसका सभी ने एक स्वर में विरोध शुरू कर दिया। हरियाणा व पंजाब के प्रतिनिधि ने कहा कि बीबीएमबी पानी मामले में इतनी नकारात्मक सोच नहीं रखे। सकारात्मक सोच रखकर शेयर का निर्धारण करे।
भविष्य में अच्छा होगा, इसी सोच के साथ निर्णय ले। इस दौरान राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने इंदिरागांधी नहर में हरियाणा व पंजाब की तर्ज पर सिंचाई पानी चलाने जितना पानी देने की मांग रखी। मगर बीबीएमबी चैयरमेन ने राजस्थान की इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए शेयर में कटौती करने की बात कही। हिस्से में कटौती करने पर पेयजल की स्थिति भी चिंताजनक हो जाती।
बीबीएमबी के इस निर्णय का राजस्थान के प्रतिनिधि ने पुरजोर विरोध किया। काफी बहसबाजी के बाद बीबीएमबी चैयरमेन ने एक से दस जुलाई तक राजस्थान के वर्तमान शेयर को यथावत रखने पर सहमति प्रदान की। इस तरह इंदिरागांधी नहर में अगले माह भी सिंचाई पानी चलने की उम्मीद खत्म हो गई है। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ कार्यालय में रेग्युलेशन विंग के एक्सईएन दिवाकर पांडे ने बताया कि एक से दस जुलाई तक राजस्थान का वर्तमान शेयर यथावत रहेगा। अगर इस अवधि में आवक की स्थिति सामान्य रही तो बीस जुलाई तक भी शेयर यथावत रह सकता है। इसके बाद फिर से बीबीएमबी की होने वाली बैठक में शेयर की समीक्षा की जाएगी। वर्तमान में राजस्था को रावी व्यास से 8900, सतलुज वाया पंजाब से 1000 व सतलुज वाया हरियाणा से 500 क्यूसेक पानी मिल रहा है। अब दस जुलाई तक इसी शेयर के हिसाब से राजस्थान को पानी मिलता रहेगा।
तय हिस्से के अनुसार राजस्थान की इंदिरागांधी नहर में आगे भी दस जुलाई तक पेयजल के लिए ६६०० क्यूसेक पानी चलता रहेगा। इस नहर से हनुमानगढ़, श्रीगंगानर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, जैसलमेर सहित दस जिलों को जलापूर्ति होती है। इंदिरागांधी नहर प्रथम चरण में करीब पांच लाख हेक्टैयर से अधिक सिंचित क्षेत्र है। अगले माह भी सिंचाई पानी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण इस क्षेत्र के हजारों किसान बेचैन हो रहे हैं।
बांधों को कैसे खाली कर दें
वीसी के जरएि संपन्न हुई बैठक में बीबीएमबी के चैयरमेन ने बांधों में घट रही आवक को देखते हुए भविष्य में इसे और खाली करने को समझदारी नहीं बताया। चैयरमेन ने कहा कि पौंग का जल स्तर १२८० फीट के आसपास आ गया है। इस स्थिति में इस बांध का लेवल और नीचे कैसे लाएंगे। भविष्य में पेयजल और अन्य जरूरतों के हिसाब से जरूरी है कि ३१ जुलाई तक इस बांध का जल स्तर १३१० फीट के करीब लाया जाए। बीबीएमबी चैयरमेन के इस प्रस्ताव का संबंधित सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने विरोध किया। सबका कहना था कि वर्तमान में फसल बिजाई का समय है। अभी फसलों को पानी नहीं मिला तो किसान तबाह हो जाएंगे।
विरोध के बाद बदला मूड
नहरी पानी का निर्धारण करने को लेकर हुई बैठक में बीबीएमबी चैयरमेन ने जुलाई माह के लिए तीनों राज्यों के लिए करीब आठ लाख क्यूसेक पानी देने की बात कही। इसमें दो लाख १६ हजार क्यूसेक पानी राजस्थान, एक लाख ८५ हजार हरियाणा व बाकी पानी पंजाब के लिए निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा। इस हिसाब से पानी मिलने पर राजस्थान क्षेत्र की इंदिरागांधी नहर में पेयजल का संकट बन जाता। काफी विरोध करने के बाद बीबीएमबी चैयरमेन ने अपना मूड बदलते हुए वर्तमान शेयर को यथावत रखने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की।
बांधों के जल स्तर पर नजर
29 जून 2021 को भाखड़ा बांध का जल स्तर १५२४.७३ फीट था। आवक २६६४९ व निकासी २६८७६ क्यूसेक हुई। इसी तरह पौंग बांध का लेवल १२८१.६० फीट था। इसमें १७८७ क्यूसेक आवक हुई व ११९०८ क्यूसेक निकासी की गई। पौंग बांध में सर्वाधिक राजस्थान का हिस्सा निर्धारित है। लेकिन इस बांध का जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। आवक की तुलना में निकासी काफी अधिक होने के कारण बांध का लेवल लगातार नीचे की तरफ जा रहा है।
source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/rajasthan-s-share-determined-in-bbmb-meeting-instead-of-increasing-it-6922320/
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