कपास की फसल पर मंडरा रहा टिड्डी का खतरा,गत वर्ष कुल 51134 हैक्टेयर क्षेत्र टिड्डी दल से हुआ था प्रभावित

कपास की फसल पर मंडरा रहा टिड्डी का खतरा,गत वर्ष कुल 51134 हैक्टेयर क्षेत्र टिड्डी दल से हुआ था प्रभावित
-कृषि विभाग हुआ सतर्क, टिड्डी से निपटने को बनाया प्लान


हनुमानगढ़. गत वर्ष कपास के खेतों में हुए टिड्डी हमले से सबक लेते हुए कृषि विभाग इस बार समय रहते सभी तरह की तैयारियां पूर्ण करने में लग गया है। चालू वर्ष में भी कपास की फसल पर मंडरा रहे टिड्डी संकट को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने टिड्डी के संभावित हमले को देखते हुए अभी से सभी तरह के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। कृषि प्रधान हनुमानगढ़ जिले में लगभग सात लाख हैक्टैयर में खरीफ फसलों की बिजाई होती है। इतना ही रबी सीजन में बिजाई का क्षेत्रफल रहता है। खेती का कार्य जिले की जीवन रेखा है। कृषि उत्पादन में किसी कारण से विपरित प्रभाव पड़ता है तो जिले की अर्थव्यवस्था बड़े स्तर पर प्रभावित होती है।
बीते बरसों पर नजर दौड़ाएंगे तो हनुमानगढ़ जिले में वर्ष 2019-20 एवंं 2020-21 में अलग-अलग क्षेत्रों मे ं टिड्डी दलों का हमला हुआ था। तुलनात्मक दृष्टि से वर्ष 2019-20 की अपेक्षा 2020-21 में हमला ज्यादा प्रभावी रहा। गतवर्ष 20 मई से पांच अगस्त तक जिले में लगातार टिड्डी दल सक्रिय रहे थे। इनके नियंत्रण के लिए अभियान चलाए गए। इन पर नियंत्रण पाया गया। इसी तरह छह अगस्त से 26 अगस्त तक टिड्डी दलों द्वारा दिए गए अंडों से हॉपर का निकलना जारी रहा। इनको पौध सरंक्षण रसायनों के छिड़काव से नियंत्रित कर लिया गया। गत वर्ष कुल 51134 हैक्टेयर क्षेत्र टिड्डी दल से प्रभावित हुआ। इसमें से 23731.25 हैक्टेयर क्षेत्र का कुल 3174 ट्रैक्टर माउंडेट स्प्रैयर,13 यूपीएल कंपनी की फाल्कन मशीनों, 3 फायर बिग्रेड, 115 पानी टैंकर, 117 एलसीओ वाहन, 540 हस्तचलित स्प्रैयर एवं 8 ड्रोन एवं एक हेलीकॉप्टर्स की मदद से 7448 लीटर कीटनाशी रसायनों का छिड़काव कर उपचारित किया गया। इस वर्ष भी कोरोना के प्रकोप का सामना कर रहे जिले में टिड्डियों का भी हमला हो सकता है।
इसे देखते हुए कृषि आयुक्तालय जयपुर की ओर से ऑनलाइन बैठक करके सीमावर्ती जिलों बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, हनुमानगढ़, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर जिले के कृषि अधिकारियों से चर्चा की जा चुकी है। इसकी रोकथाम को लेकर सभी तरह की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में जिला कलक्टर हनुमानगढ़ की ओर से टिड्डी के संभावित प्रकोप व उसके प्रबंधन के लिए जिला हनुमानगढ़ की वर्ष 2021-22 की अनुमोदित कार्य योजना आयुक्त कृषि, जयपुर को भिजवाई गई है।

मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति
टिड्डी हमले के बाद इसके नियंत्रण को लेकर जिला स्तर पर कार्य योजना तैयार की गई है। इसमें उपनिदेशक कृषि (आत्मा) की अध्यक्षता में मास्टर्स ट्रेनर्स एवं मोटिवेटर्स की नियुक्ति की गई है। चार जिला स्तरीय/ उप जिला स्तरीय मॉनीटरिंग, सूचना संग्रहण एवं प्रेषण के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। जिले में 14 सहायक कृषि अधिकारी स्तर की सर्वेक्षण दलों का गठन किया गया है। साथ ही 14 सहायक कृषि अधिकारी स्तरीय टिड्डी नियंत्रण दलों का गठन किया गया है।

3500 संसाधनों की सूची तैयार
जिला स्तरीय एवं उप जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष का संचालन प्रस्तावित किया गया है। कीटनाशी रसायनों की उपलब्धता के लिए क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की सूचना तैयार की गई है। जिले में उपलब्ध फायर बिग्रेड मशीन, फाल्कन मशीन, ट्रेक्टर माउंटेड स्प्रैयर, यूटिलिटी वाहन इत्यादि लगभग 3500 संसाधनों की सूची तैयार की गई है। ताकि इन्हें आवश्यकता पडऩे पर तुरंत काम में लेकर टिड्डी नियंत्रण कार्य प्रभावी रूप से संपन्न किया जा सके।

कमेटी में यह शामिल
टिड्डी नियंत्रण अभियान के लिए जिला कलक्टर हनुमानगढ़ की ओर से जिला स्तरीय स्थायी समिति का गठन भी कर लिया गया है। इसमें कलक्टर समिति के अध्यक्ष होंगे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद हनुमानगढ़, अतिरिक्त जिला कलक्टर हनुमानगढ़, प्रबंध निदेशक केन्द्रीय सहकारी बैंक, हनुमानगढ़, समन्वयक कृषि विज्ञान केन्द्र संगरिया सदस्य रहेंगे। इसमें उपनिदेशक कृषि विस्तार हनुमानगढ़ सदस्य सचिव रहेंगे।

......फैक्ट फाइल....
-जिले में खरीफ सीजन में ०७ लाख हेक्टेयर में होती है बिजाई।
-जिले में गत वर्ष गत वर्ष कुल 51134 हैक्टेयर क्षेत्र टिड्डी दल से हुआ था प्रभावित।
-इस वर्ष जिले में टिड्डी नियंत्रण को लेकर की गई है 3500 संसाधनों की सूची तैयार।
-गत वर्ष जिले में हेलीकॉप्टर्स व अन्य संसाधनों से 7448 लीटर कीटनाशी रसायनों का किया गया था छिड़काव।

.....वर्जन.....
नियंत्रण को लेकर कमेटी गठित
गत वर्ष जिले में जिस तरह से टिड्डी का प्रकोप नजर आया था, उसे देखते हुए इस वर्ष भी विभागीय टीम को सक्रिय कर दिया गया है। नियंत्रण के लिए जिला कलक्टर की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर ली गई है।
-दानाराम गोदारा, उप निदेशक, कृषि विभाग हनुमानगढ़



source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/the-locust-threat-hovered-over-cotton-crop-last-year-a-total-of-51134-6862497/

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