प्रदेश के लिए राहत की खबर, जल संसाधन विभाग में 444.21 करोड़ रुपए के नए कार्यों का अनुमोदन

प्रदेश के लिए राहत की खबर, जल संसाधन विभाग में 444.21 करोड़ रुपए के नए कार्यों का अनुमोदन
-माइक्रो इरिगेशन पर सब्सीडी को 5 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की मंजूरी
-मुख्य सचिव ने वीसी के जरिए की इंदिरा गांधी फीडर और मुख्य नहर में रीलाइनिंग कार्य की समीक्षा
हनुमानगढ़. जल संसाधन विभाग में 444.21 करोड़ रुपए के नए कार्यों का अनुमोदन कर दिया गया है। इसे लेकर मुख्य सचिव ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है। वीसी के जरिए हुई अहम बैठक में मुख्य सचिव ने किसानों को स्प्रिंकलर तथा बूंद बूंद सिंचाई प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट एरिया में प्रोजेक्ट फंड से माइक्रो इरिगेशन पर सब्सीडी को 5 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की मंजूरी भी दी। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने इस मौके पर इंदिरा गांधी फीडर और मुख्य नहर में चल रहे रीलाइनिंग के कार्य की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत के कार्यों के लिए 60 दिन का क्लोजर किया गया है। यह एतिहासिक है। जो क्रमबद्ध तरीके से की गई प्लानिंग के कारण ही संभव हो सका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को माइक्रो इरिगेशन प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करें। इससे सिंचाई के पानी की बचत होगी तथा नहर से पेयजल आपूर्ति को और भी विस्तार दिया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में रेगिस्तानी क्षेत्र के लिए राजस्थान जल क्षेत्र पुनर्गठन परियोजना की स्टेंडिंग लेवल कमेटी की पहली बैठक की भी की। इस अहम बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अधिकारियों से नहर में चल रहे रीलाइनिंग के कार्यों की प्रगति तथा इस दौरान नहर में कम्पोजिट क्लोजर तथा सम्पूर्ण क्लोजर के समय पेयजल की आपूर्ति आदि की व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जो क्लोजर पहले 70 दिन का था, उसे राज्य सरकार द्वारा आग्रह करने पर पंजाब सरकार ने सहयोग कर 60 दिन का कर दिया। इंदिरा गांधी नहर साठ साल पुरानी है। लगातार पानी के बहाव के कारण इसकी क्षतिग्रस्त लाइनिंग को फिर से बनाना एक चुनौती भरा काम था। रीलाइनिंग कार्य आपसी सामंजस्य से चल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे ना केवल नहर की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि सीपेज के कारण पानी की हानि तथा वाटर लॉगिंग की समस्याओं से भी निजात मिलेगी। इंदिरा गांधी नहर से 16.17 लाख हैक्टेयर क्षेत्राफल के लिए सिंचाई का पानी तथा 7 हजार 500 गांवों तथा 49 शहरों के लगभग 1.7 करोड़ लोगों को पीने का पानी सुलभ होता है। आर्य ने इंदिरा गांधी केनाल फीडर, मुख्य नहर तथा डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अभी तक योजना पर खर्च तथा आगे बजट की अनुमानित आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने प्रोजेक्ट में अनुमानित बचत की राशि से 444 .21 करोड़ रुपए के नए कार्यों का अनुमोदन किया। इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किसानों को स्प्रिंकलर तथा बूंद बूंद सिंचाई प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट एरिया में प्रोजेक्ट फंड से माइक्रो इरिगेशन पर सब्सीडी को 5 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का अनुमोदन किया। उन्होंने कोविड महामारी के कारण प्रोजेक्ट में देरी होने की वजह से पूरे प्रोजेक्ट की अवधि को 2 साल बढ़ाकर 12 फरवरी 2025 तक करने का भी अनुमोदन किया। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने भी प्रोजेक्ट के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नहरबंदी कर मरम्मत के कार्यों को करना एतिहासिक काम है। जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन महाजन ने बताया कि प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन की सबसे बड़ी चुनौती क्लोजर के दौरान पीने के पानी की आपूर्ति थी। इसके लिए 30 दिन के कंपोजिट क्लोजर के दौरान पेयजल की व्यवस्था सरहिंद फीडर से की गई। इसके बाद 30 दिन का पूर्ण क्लोजर किया गया है। उन्होंने बताया कि क्लोजर 28 मई तक चलेगा। महाजन ने बताया कि राजस्थान द्वारा 48.62 किलोमीटर नहर की रीलाइनिंग के कार्य के लक्ष्य के विरुद्ध 19 मई तक नहर की बैड रीलाइनिंग का काम 42.60 प्रतिशत तथा साइड स्लोप की रीलाइनिंग का कार्य 54.29 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। कलक्ट्रेट परिसर स्थित अटल सेवा केंद्र में वीसी के जरिए जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल, एसई शिवचरण रैगर व लेखा शाखा के लोकेश सेठी सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए।



source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/news-of-relief-for-the-state-approval-of-new-works-worth-rs-444-21-cr-6857424/

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