ताले खुलें तो आगे बढ़े रीलाइनिंग कार्य की तैयारी
ताले खुलें तो आगे बढ़े रीलाइनिंग कार्य की तैयारी
-राज्य सरकार की ओर से नई गाइड लाइन जारी होने के बाद से जल संसाधन विभाग कार्यालय पर लगा है ताला
-बहुप्रतिक्षित इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग कार्य शुरू करवाने के दृष्टिगत मुख्य अभियंता ने बारह डिविजनों के कार्यालय खोलने की मांगी मंजूरी
हनुमानगढ़. इस बार साठ दिन की नहरबंदी में इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग कार्य होना है। लेकिन बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच राज्य सरकार ने नई गाइड लाइन जारी कर कुछ विभागों को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय बंद कर दिए हैं। इसके तहत जल संसाधन विभाग कार्यालय में भी ताला लगा हुआ है। इस बीच २९ अप्रेल से प्रस्तावित रीलाइनिंग कार्य की तैयारियों को अंतिम रूप कैसे दिया जाए, इसे लेकर विभागीय अधिकारी माथापच्ची करने में लगे हैं। साथ ही जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिला कलक्टर को पत्र भेजकर दोनों जिलों में कुल बारह डिविजन व मुख्य अभियंता कार्यालय तथा पीएमयू कार्यालय को खोलने की अनुमति मांगी है। उम्मीद है कार्यालय खोलने की मंजूरी मिलने के बाद रीलाइनिंग कार्य को लेकर सभी तरह की प्रक्रिया पूर्ण होगी। मुख्य अभियंता मित्तल ने बताया कि इस बार इंदिरागांधी मुख्य नहर राजस्थान भाग में 42 किमी क्षेत्र में रीलाइनिंग कार्य करवाने की तैयारी है। इस कार्य पर २५० करोड़ खर्च होने हैं। राज्य सरकार स्तर पर १५० करोड़ रुपए की राशि जारी भी कर दी गई है। इसी तरह पंजाब भाग में भी करीब ४० किमी में रीलाइनिंग कार्य शुरू कर दिया गया है। वहां साठ दिन की पूर्ण बंदी ली जा रही है। दोनों राज्यों में २८ मई तक रीलाइनिंग के कार्य होंगे।
इतने अभियंताओं की तैनाती
इंदिरागांधी राजस्थान भाग में प्रस्तावित रीलाइनिंग कार्य को लेकर नहरों के पटरों व बेड लेवल की सफाई का कार्य किया जा रहा है। इसमें अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है। अब एक मई से पूर्ण बंदी शुरू होते ही रीलाइनिंग कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए करीब सवा सौ अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है। इंदिरागांधी नहर से प्रदेश के हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर सहित दस जिलों को जलापूर्ति होती है।
इतनी पेयजल योजनाएं जुड़ी
जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने पेयजल आपूर्ति को लेकर अधिकारियों से फीडबैक लिया है। इसमें उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह सरहिंद फीडर से भाखड़ा में पेयजल के लिए पानी तुरंत दिलाएं। जिससे जलापूर्ति की स्थिति सुचारू रह सके। हनुमानगढ़ वृत्त में आइजीएनपी से 244 पेयजल योजनाएं और 881 गांव जुड़े हुए हैं। भाखड़ा में 53 योजनाएं और 241 गांव जुड़े हुए हैं। कुल 297 पेयजल योजनाएं और 1122 गांव नहरी तंत्र पर आधारित हैं। प्रदेश में श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर आदि जिलों में भी काफी पेयजल योजनाएं नहरों पर ही आधारित है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों के लिए पेयजल आपूर्ति को आगे तीस दिन की पूर्ण बंदी में सुचारू रखना काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा।
source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/preparation-for-the-refining-work-proceeded-when-the-locks-were-opened-6820904/
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