आंकड़े बहुत कम, हनुमानगढ़ में नहीं खुल सकती एसीडी कोर्ट
आंकड़े बहुत कम, हनुमानगढ़ में नहीं खुल सकती एसीडी कोर्ट
- राजस्थान हाइकोर्ट के न्यायाधिपति मनोज गर्ग बोले
- नोटिस शीघ्र तामिल हो तो निपटे प्रकरण, लग रहे चार-पांच साल
- एनआई कोर्ट खुलने की संभावना
हनुमानगढ़. स्पेशल एसीडी कोर्ट हनुमानगढ़ में नहीं खुल सकती। क्योंकि यहां कोर्ट खोलने लायक स्थिति नहीं है। आंकड़े बहुत कम हैं। राजस्थान हाइकोर्ट के न्यायाधिपति मनोज गर्ग ने शनिवार को यह बात कही। जीएम रिसोर्ट में आयोजित बार संघ हनुमानगढ़ के शपथ ग्रहण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि न्यायाधिपति गर्ग ने कहा कि एसीडी कोर्ट की फाइल निकाल कर देखिए, यह स्पेशल कोर्ट है। इसका चार्ज स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट को नहीं दिया जा सकता। इसका प्रस्ताव सात साल पहले टर्न आउट हो गया। अभी भी आंकड़े देखे तो एक नई कोर्ट खोलने की स्थिति नहीं है। हालांकि हनुमानगढ़ से मांग तो दो नई कोर्ट एनआई तथा एसीडी खोलने की करो। कम से कम एक स्पेशल एनआई कोर्ट तो मिल जाएगी।
न्यायाधिपति ने कहा कि जल्दी ही न्याय विभाग में तबादले होंगे। हनुमानगढ़ जिले में न्यायिक अधिकारियों के सभी पद भर दिए जाएंगे। एक भी कोर्ट में पद खाली नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी नहीं है। न्यायालयों में मूलभूत सुविधाओं के संबंध में प्रस्ताव भेजिए। शीघ्रता से समस्याओं का निराकरण करवा दिया जाएगा। जिले की किसी भी कोर्ट में मूलभूत सुविधाओं को लेकर कोई मांग है तो प्रस्ताव भिजवाया जाए। इससे पहले बार संघ अध्यक्ष मनजिन्द्र लेघा, सचिव आत्माराम भादू, उपाध्यक्ष राजकुमार बागड़ी, कोषाध्यक्ष यादवेन्द्रसिंह सेखों एवं पुस्तकालयाध्यक्ष नरेश बामणिया को शपथ दिलाई गई। बार संघ अध्यक्ष मनजिन्द्रसिंह लेघा ने अधिवक्ताओं के लिए नए चैम्बर निर्माण की मांग रखी। साथ ही न्यायाधिपति मनोज गर्ग, जिला न्यायाधीश सूर्यप्रकाश सहित अन्य अतिथियों का आभार जताया। समारोह में जिला कलक्टर जाकिर हुसैन, एसपी प्रीति जैन, न्यायाधीश मसरूरआलम खान आदि बतौर अतिथि मौजूद रहे। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता शंकरलाल सोनी, जगदीश चिलाना, अरविन्द बिश्नोई, मोहम्मद मुश्ताक जोईया, उग्रसैन नैण, पेस्टीसाइडस एसोसिएशन अध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण, गौरव जैन, अमित माहेश्वरी आदि उपस्थित रहे। मंच संचालन अधिवक्ता हनीश ग्रोवर एवं प्रद्युम्न परमार ने किया। शपथ ग्रहण समारोह के बाद न्यायाधिपति मनोज गर्ग ने जिला न्यायालय परिसर में पारिवारिक न्यायालय भवन का शिलान्यास किया।
तामिल होने में लग रहे चार-पांच साल
न्यायाधिपति मनोज गर्ग ने कहा कि एनआई कोर्ट की समस्या हनुमानगढ़ ही नहीं बल्कि देश भर की है। नोटिस तामिल होने में चार-पांच साल लग रहे हैं। जिला न्यायाधीश सूर्यप्रकाश ने कहा कि एनआई एक्ट के मामले पिछले कुछ बरसों में बेतहाशा बढ़े हैं। कोरोनाकाल में वैसे भी न्यायिक प्रक्रिया ठप रही। एनआई एक्ट के मामलों में पुलिस तामिल कराती है। अगर समय पर नोटिस तामिल होना शुरू हो जाए तो राजीनामे एवं प्रकरण के निपटने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए जिला पुलिस अधीक्षक से बात की गई है।
source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/statistics-are-very-low-acd-court-cannot-open-in-hanumangarh-6718443/
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