महामारी की मार से हज का सफर महंगा, हाजी चुकाएंगे 43 अरब

महामारी की मार से हज का सफर महंगा, हाजी चुकाएंगे 43 अरब
- अगले साल हज यात्रा के लिए चुकाने पड़ सकते हैं एक लाख रुपए ज्यादा
- अब तक अजीजिया श्रेणी के यात्री चुका रहे थे ढाई लाख रुपए
- प्रदेश के हाजी चुकाएंगे करीब एक अरब 72 करोड़ रुपए और देश से 43 अरब रुपए
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. कोरोना महामारी के चलते मक्का-मदीना का मुकद्दस सफर महंगा हो गया है। अगले साल संक्रमण से बचाव के विशेष प्रबंधों के साथ नबी के रोजे की जियारत की ख्वाहिश रखने वाले अकीदतमंदों को करीब एक लाख रुपए अधिक चुकाने पड़ेंगे। ग्रीन व अजीजिया दोनों ही श्रेणी के हज यात्रियों पर यह बोझ बढ़ेगा। नए बरस में हज यात्रा पर जाने वालों को तीन से सवा तीन लाख रुपए अदा करने होंगे।
इसके अलावा हज यात्रियों के मक्का व मदीना में ठहराव की अवधि में भी कटौती कर दी गई है।
अब हज यात्रियों को अधिक पैसे चुकाकर पहले की अपेक्षा वहां दस दिन कम ठहराया जाएगा। साथ ही संक्रमण के दृष्टिगत आयु संबंधी नियम-कायदे भी लागू किए गए हैं। जाहिर है कि हज का पवित्र सफर करना मुश्किल होता जा रहा है। क्योंकि अधिकांशत: जोड़े के रूप में ही हज यात्रा करने जाते हैं। राजस्थान में ज्यादातर बुजुर्ग दंपती इस सफर पर जाते हैं। ऐसे में एक परिवार को हज यात्रा के वास्ते छह लाख रुपए का प्रबंध करना होगा। इतनी राशि जुटा पाना सबके लिए आसान नहीं होगा। गौरतलब है कि पहले सब्सिडी के तौर पर 30 से 35 हजार रुपए की छूट मिलती थी। अब कई बरस से यह बंद है।
पहले व अब कितनी राशि
पिछली हज यात्रा के लिए ग्रीन श्रेणी के यात्रियों ने 2 लाख 80 तथा अजीजिया श्रेणी ने 2 लाख 50 हजार रुपए जमा कराए थे। यात्रियों को हज के दौरान चेंज करेंसी के तौर पर मिलने वाली सऊदी अरब की 2100 रियाल भी इसमें शामिल है। यह रकम यात्रियों को एयरपोर्ट पर दे दी जाती है। इस साल यात्रियों की एक ही अजीजिया श्रेणी होगी। उनको लगभग 3 लाख 44 हजार रुपए अदा करने होंगे। यह राशि दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना होने वाले यात्रियों के लिए है। देश के अन्य चिह्नित एयरपोर्ट से जाने पर राशि कम-ज्यादा हो सकती है।
अधिक आयु अब निरस्त
पहले 70 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक को लॉटरी में शामिल किए बगैर ही उसका सीधे हज के लिए चयन किया जाता था। मगर अगले साल 18 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक का चयन ही नहीं किया जाएगा। अब तक यात्रियों को हज के लिए 40 से 45 दिन तक वहां ठहराया जाता था। मगर अगले साल केवल 30 से 35 दिन ही ठहराया जाएगा।
कितने यात्री हर साल
हज यात्रा का कोटा संबंधित राज्य की मुस्लिम आबादी के हिसाब से तय किया जाता है। राजस्थान का कोटा वर्ष 2011 की जनगणना के हिसाब से पांच हजार से अधिक है। जबकि देश से सवा लाख से अधिक यात्री हज पर जाते हैं।
खर्च कई अरब
पिछले साल तक प्रदेश के पांच हजार हाजियों ने करीब डेढ़ अरब रुपए यात्रा खर्च के रूप में चुकाए थे। अगले साल यह राशि बढ़कर एक अरब 72 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। देश के सवा लाख हाजियों की ही राशि जोड़ें तो अगले बरस उनको लगभग 43 अरब रुपए खर्च करने होंगे।
श्रेणी में क्या फर्क
हज के लिए यात्रियों को दो श्रेणी में बांटा जाता है। इसमें ग्रीन व अजीजिया श्रेणी शामिल है। अजीजिया श्रेणी में वह यात्री शामिल हैं जिनको जियारत स्थल से छह से सात किलोमीटर की दूरी पर ठहराया जाता है। जबकि ग्रीन श्रेणी के यात्रियों को जियारत स्थल से एक-दो किलोमीटर की दूरी पर ही ठहराया जाता है। इस श्रेणी के यात्रियों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं मिलती। वहीं अजीजिया श्रेणी के लिए 24 घंटे बस सुविधा उपलब्ध रहती है। ग्रीन श्रेणी को नॉन कुकिंग एंड ट्रांसपोर्ट जोन भी कहा जाता है। यात्रियों को ठहराव स्थल पर भोजन वगैरह नहीं बनाने देते। मगर अजीजिया श्रेणी के यात्री चाहे तो ठहराव स्थल पर भोजन बना सकते हैं।
पिछले चयनितों का क्या
इस साल कोरोना संक्रमण के चलते हज यात्रा निरस्त कर दी गई थी। जबकि हाजियों के चयन, पहली किस्त की राशि जमा कराने तथा हज प्रशिक्षण तक की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी। अब अगले साल की हज यात्रा के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। मगर गत वर्ष के चयनितों को इस साल चयन में वरीयता देने संबंधी कोई फैसला नहीं किया गया है। इससे गत वर्ष के चयनितों में निराशा है। जिले से 111 जनों का चयन हज यात्रा के लिए किया गया था।
बढ़ गया खर्च
कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत अगले साल विशेष एहतियात के साथ हज यात्रा कराई जाएगी। इसलिए हज यात्रा का खर्च भी करीब एक लाख रुपए बढ़ गया है। पहली किस्त डेढ़ लाख रुपए की जमा करानी होगी। जनवरी 2022 तक पासपोर्ट की वैद्यता वाले आवेदन कर सकते हैं। - जमील मोहम्मद मदनी, हज प्रशिक्षक, राजस्थान हज कमेटी।
फैक्ट फाइल : प्रदेश हज यात्रा
प्रदेश में कितनी सीट - करीब 5000
राज्य के हाजी चुकाएंगे - करीब एक अरब 72 करोड़
गत वर्ष आवेदन - 8241
गत वर्ष चयन - 5400
देश में सीट - सवा लाख
अगले साल चुकाएंगे - 43 अरब रुपए



source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/hajj-s-journey-expensive-due-to-the-epidemic-haji-will-pay-43-billion-6571966/

Comments

Popular posts from this blog

राजेंद्र मोर के हाथों में गंगमूल डेयरी हनुमानगढ़ की कमान

हनुमानगढ़ में लड़की की हत्या का आरोप, परिजनों में रोष