टीम मेडिकल कॉलेज भूमि का जल्द करेगी मुआयना
हनुमानगढ़. जंक्शन स्थित नवां बाइपास पर मेडिकल कॉलेज की भूमि का निरीक्षण केंद्र की टीम जल्द कर सकती है। फिलहाल जिला कलक्टर की ओर से इस भूमि में आड़े रही समस्या के समाधान को लेकर विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इसमें पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, विद्युत निगम, नगर परिषद व जलसंसाधन विभाग के अधिकारी को अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्य कराने के लिए निर्देशित किया गया है। सूत्रों की माने तो आगामी दिनों में मेडिकल कॉलेज के रिव्यू के लिए इन अधिकारियों की बैठक भी होगी। इस भूमि पर दो विद्युत पोल आड़े आ रहे हैं। इन्हें विद्युत निगम की ओर से हटाया जाना है और भविष्य में विद्युत सप्लाई के लिए डिमांड नोटिस भी जारी किया जाएगा। इसी तरह इस भूमि पर जलसंसाधन विभाग का एक खाला भी है। जिसे शिफ्ट किया जाना है। सड़कों का निर्माण सार्वजनिक निर्माण विभाग व नगर परिषद की ओर से किया जाएगा। पीएचईडी की ओर से पर्याप्त पेयजल की सप्लाई के लिए पाइप लाइन भी बिछाई जानी है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ-साथ इन कार्यों को भी करवाया जा सके। इस पर जिला कलक्टर की ओर से गठित कमेटी की ओर से तैयारी की जा रही है।
32 केवी का अलग होगा जीएसएस
मेडिकल कॉलेज भवन के लिए 32 केवी का जीएसएस अलग से स्थापित किया जाएगा। इस जीएसएस से 24 घंटे विद्युत सप्लाई होगी। हालांकि यह प्रक्रिया निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ही होगी। फिलहाल जिला प्रशासन को टीम का इंतजार है।
6 नवंबर को दिया था कब्जा
नगर परिषद ने जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. एमपी शर्मा को 6 नवंबर को कब्जा हस्तान्तरण पत्र सौंपा था। उल्लेखनीय है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 25 एकड़ भूमि नि:शुल्क आवंटन करने के लिए आवेदन नगर परिषद हनुमानगढ़ में प्रस्तुत किया था। इसके संदर्भ में नगर परिषद बोर्ड ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, हनुमानगढ़ को श्रीगंगानगर-संगरिया बाईपास मार्ग पर स्थित चक नं. 02 एन.डब्ल्यू.एन. के पत्थर नं. 134/242 के किला नं. 03 ता 09, 12 ता 25, पत्थर नं. 135/241 के किला नं. 01 ता 03. 08 ता 13, 18 ता 23. पत्थर नं. 134/241 के किला नं. 21 ता 24 में प्रत्येक किला से 20 गुणा 165 कुल 20 गुणा 660 फुट कुल 13200 वर्गफुट भूमि सार्वजनिक मार्ग के लिये छोडते हुए शेष भूमि तथा निजी खातेदार अंग्रेज कौर पत्नी जरनैल सिंह द्वारा समर्पित पत्थर नं. 134 / 241 के किला नं. 25 के दक्षिणी भाग की 80 गुणा 165 फुट कुल 13200 वर्गफुट भूमि को सम्मिलित करते हुए कुल 40 बीघा भूमि नि:शुल्क आवंटित की गई है।
जनवरी 2020 में हुआ था बजट स्वीकृत
मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया एचएससीसी इंडिया लिमिटेड कंपनी करेगी। हनुमानगढ़ में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 300 करोड़ के बजट की स्वीकृति जनवरी 2020 में ही मिल गई थी। इसमें से 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार व 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी। उल्लेखनीय है कि देश में 5 नए मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 में वित्तीय स्वीकृति जारी की थी। इसमें हनुमानगढ़, दौसा, टोंक, सवाई माधोपुर व झुंझुनू में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति जारी की थी। यह स्वीकृति केन्द्र प्रवर्तित सहायता के तहत दी गई है। जिसके तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के लिए 300 करोड़ की राशि स्वीकृति दी गई थी। यह मेडिकल कॉलेज निर्माण की कुल राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार खर्च करेगी व 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाना है।
मेडिकल कॉलेज से यह होगा लाभ
मेडिकल कॉलेज का मुख्य भवन टाउन स्थित जिला अस्पताल होगा। श्रीगंगानगर-संगरिया बाइपास पर इस कॉलेज की अन्य शाखाएं होंगी। मेडिकल कॉलेज खुलने से शहर के नागरिकों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे धन व समय दोनों की बचत होगी। मेडिकल कॉलेज से हनुमानगढ़ को कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिलेंगे। वर्तमान में न्यूरो फीजिएशन व न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण दुर्घटना के जख्मी को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रैफर किया जाता है। लेकिन हनुमानगढ़ में मेडिकल कॉलेज खुलने से इस तरह के रैफर केसों में काफी हद तक कमी आएगी। इसके अलावा हार्ट, ईएनटी, न्यूरो, ग्रेस्ट्रोलोजिस्ट इत्यादि चिकित्सकों की सेवाएं मिल सकेंगी।
टीम का इंतजार है
भूमि पर सभी तरह की सुविधा के लिए विभागों से समन्वय किया जा रहा है। आवंटित भूमि पर सड़क, विद्युत पोल हटाने, खाला शिफ्ट करने इत्यादि के लिए विभागों के अधिकारी से वार्ता की गई है। वहीं भूमि के निरीक्षण के लिए टीम का इंतजार है।
डॉ. एमपी शर्मा, पीएमओ, जिला अस्पताल
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source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/the-team-will-inspect-the-medical-college-land-soon-6531749/
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