जीरो सेटबैक वाले भवनों पर गिर सकती है गाज
जीरो सेटबैक वाले भवनों पर गिर सकती है गाज
- टाउन-जंक्शन के मुख्य मार्गों पर दुकानों का सर्वे
- पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने पर देंगे नोटिस
हनुमानगढ़. टाउन व जंक्शन में जीरो सेटबैक वाले भवनों पर गाज गिर सकती है। वर्तमान में नगर परिषद की ओर टाउन व जंक्शन के मुख्य मार्गों के भवनों का सर्वे किया जा रहा है। इसमें जीरो सैटबैक वाले भवनों का चयन किया जा रहा है। इसके पश्चात इन्हें नोटिस जारी कर कार्यवाही की जाएगी। टाउन व जंक्शन में दो
टीमों की ओर से निरीक्षण किया जा रहा है। इनमें से एक टीम ने घग्घर पुल से टाउन की तरफ दुकानों की जांच कर रही है तो दूसरी टीम घग्घर पुल से जंक्शन की तरफ जांच की जा रही है। टीम की ओर से टाउन क्षेत्र में अभी तक 17 भवनों की जांच की गई है और जंक्शन क्षेत्र में 40 भवनों की जांच हो चुकी है। इनमें से अधिकांश भवनों के पास निर्माण स्वीकृति नहीं है तो कई भवनों का निर्माण कृषि क्षेत्र में किया हुआ है। ऐसे भवनों को चिन्हित कर रिपोर्ट तैयार किया जा रही है। राजस्थान भवन अधिनियम 2017 के अनुसार 30 फीट मुख्य मार्ग स्थित भवन निर्माण के दौरान आगे की तरह दस फीट की जगह पार्किंग के लिए छोडऩी अनिवार्य है। वहीं 60 फीट के मुख्य मार्ग पर भवन निर्माण करने के दौरान आगे के हिस्से में पार्किंग के लिए साढ़े चार मीटर जगह छोडऩी जरूरी है। इसके अलावा 100 फीट मार्ग पर स्थित भवन के आगे करीब छह मीटर जगह पार्किंग के लिए रखनी होगी। लेकिन टाउन-जंक्शन मार्ग अधिकांश शोरूम व निजी अस्पतालों के बाहर पार्किंग के लिए जगह तक नहीं है।
जिला कलक्टर ने दिए थे निर्देश
कई माह पूर्व मौसमी बीमारियों से संबंधित साधारण बैठक में जिला कलक्टर ने टाउन-जंक्शन मार्ग व लाल चौक तक दोनों तरफ वाहन सड़क किनारे होने पर नगर परिषद अधिकारियों को सर्वे कराने का निर्देश दिया था। इसके तहत नगर परिषद की ओर से भवनों का सर्वे किया जा रहा है। टाउन में सहायक अभियंता बंता सिंह, कनिष्ठ अभियंता विनोद पचार, सहायक नगर नियोजक सुनील कुमार, मेट जीवन सिंह की ओर से सर्वे किया जा रहा है। जंक्शन में सहायक अभियंता वेद गोदारा, कनिष्ठ अभियंता प्रेमदास, धीरज कुमार व मेट नरेश कुमार की ओर से भवनों का सर्वे किया जा रहा है। टाउन में अभी तक पीरखाना तक सर्वे हो पाया है और जंक्शन में अभी तक टीम की ओर से राजीव चौक तक सर्वे किया गया है।
कई भवनों में आगे बुझाने के उपकरण
15 मीटर की ऊंचाई में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर इसके ऊपर दो मंजिला इमारत होती है। हनुमानगढ़ में जिस बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर के ऊपर तीन मङ्क्षजला इमारत हो और ऊंचाई 15 मीटर से अधिक हो, इस इमारत को हाइ रिस्क की श्रेणी में लिया जाता है। इन इमारतों के निर्माण करने से पूर्व डीएलबी से अनुमति लेनी आवश्यक है। शहर में सर्वे किया जाए तो दो से तीन भवन के मालिकों ने ही विशेष प्रकार की स्वीकृति ले रखी है। जबकि हनुमानगढ़ में गत दो से तीन वर्षों से नियमों को ताक में रख 15 मीटर से भी ऊंची इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। इन इमारतों में आग बुझाने के इस्तेमाल में आने वाले एबीसी सिलेंडर, हाइड्रेंट तक नहीं है। एहतिहात के तौर पर इन इमारतों में अंदर व बाहर दो सीढिय़ां होनी चाहिए। अन्यथा बाहर की तरह सीढ़ी होना अनिवाय है ताकि आग की घटना के दौरान नागरिक बाहर की सीढ़ी से निकल सकें। इन सीढिय़ों को आपातकालीन द्वार भी कहा जा सकता है। इसके अलावा इन भवनों में तीन इंच पाइप का राइजर सिस्टम भी होना चाहिए। टाउन व जंक्शन के करीब 42 भवन संचालकों को नगर परिषद की ओर से नोटिस भी दिया गया था।
source https://www.patrika.com/hanumangarh-news/buildings-may-fall-on-zero-setback-buildings-6543357/
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